एक जिज्ञासा

हमारे  शास्त्र  कहते  हैं ‘जिस कुल में नारी की प्रताड़ना हो उस कुल का नाश हो जाता है .

सवाल यह है – जब किसी  की पत्नी अपनी सास,देवरानी,जेठानी,ननद को झूठे दहेज़ प्रताड़ना के मुक़दमे में फंसा देती है तो नारी प्रताड़ना का दोष किस कुल को लगेगा ? पति के कुल को या पत्नी के मायकेवालों के कुल को ? पत्नी होने के कारन तो वो पति के कुल की हो गयी लेकिन वधु तो वंशवृद्धि की कारक  है फिर वंशनाश कैसे करेगी ? ससुराल का वंशनाश तो कानूनी प्रक्रिया में हो जाता है ,उस दुष्ट पत्नी के मायके को क्या इस सूक्त के अनुसार वंशनाश का श्राप नहीं होगा ?

अगर किसी को इस का जवाब मालूम है तो जिज्ञासा शांत करे . 

 

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