देश के बेटे को भी न्याय मिलेगा क्या?

कुछ दिन पहले एक चैनल पर आ रहा था – अब मिलेगा देश की बेटी को न्याय , पिछले दिनों दिल्ली में हुए बलात्कार काण्ड में जो कानूनी धारा लगाईं  गयी उसके बारे में बताते हुए ऐसा कहा जा रहा था . इस में कोई शक नहीं की बलात्कार एक घिनौना अपराध है और पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए लेकिन ऐसा ही एक घिनौना अपराध कानून का दुरूपयोग करके किसी का जीवन बर्बाद करना है . पिछले दिनों ही खबर थी – एक महिला ने बलात्कार का झूठा केस दर्ज करवाया , जब तक झूठा केस करवाने वाले को सजा नहीं मिलेगी तब तक कानून का दुरूपयोग होता रहेगा , महिलायों के खिलाफ अपराध के कानूनी संख्या बढती रहे गी , कानून बनते रहेंगे .

उम्मीद है किसी दिन ऐसी भी खबर आएगी – देश के बेटे को दहेज़ के झूठे मामले में फंसाने वाली बीवी के खिलाफ आरोपपत्र दायर – अब मिलेगा देश के बेटे को न्याय .

सपना है, सुंदर है ,कभी पूरा भी होगा .

अंग्रेजी में नहीं लिख रहा रहा क्यों की शर्म आती है कि हमारे देश में इतने साल से कानून का दुरूपयोग हो रहा है जिसको सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है और सरकार को आदेश दिए हैं  दहेज़  कानून में संशोधन के लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ . भारतीय इसे  पढ़ें , सोचें  कि क्या होना चाहिए – पीड़ित के लिए न्याय  या नागरिक के लिए न्याय  या महिला के लिए न्याय .

महिलाओं के प्रति संवेदनशील  होने का अर्थ यह तो नहीं की पुरुष के प्रति असंवेदनशील हो जाएँ .

नया सभी का हक है . पुरुष के बिना समाज की कल्पना करने वाले भी सोचें और जो ऐसा नहीं सोच सकते उनको तो सोचना ही चाहिए .

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